प्रदेेश में भारत सरकार के उपक्रम, कारखाने व उद्योग धंधें- Part-2

प्रदेेश में भारत सरकार के उपक्रम, कारखाने व उद्योग धंधें- Part-2

* फोर्ड कार कम्पनी की कारें बनानें के लिए खुशखेड़ा (भिवनी) में 600 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।

* नीमराना (अलवर) औद्यौगिक क्षैत्र को ‘जापानी जाॅन’ के नाम से जाना जाता है।

* सुती वस्त्र उद्योग राजस्थान का सबसे प्राचीन व सुुसंगठित वृहद उद्योग रहा है। राज्य में कुल 23 सुती मीलें है। (निजी क्षैत्र 17, सहकारी क्षैत्र 3 व सार्वजनिक क्षैत्र 3 है)

* राज्य में प्रथम सुती मील 1889 ई. में ब्यावर (अजमेर) में दी कृष्णा मिल्स की स्थापनपा की गई, जबकि भारत में प्रथम सुती मील मिल 1818 ई. में घुसरी (कलकता) में स्थापित की गई।

* राज्य में सुती वस्त्र उद्योग का प्रमुख केन्द्र भीलवाड़ा रहा है। भीलवाड़ा को ‘‘राजस्थान का मैनचेस्टर’’ कहा जाता है व हाल ही में इसे ‘‘तकनीकी शहर व वस्त्र निर्यातक नगर’’ का दर्जा दिया गया है।

* राजस्थान का नवीन मेनचेस्टर भीवाड़ी (अलवर) को की जाता है।

* राजस्थान की औद्योगिक नगरी कोटा हैं, तो राजस्थान का सबसे बड़ा औद्योगिक नगर जयपुर है।

* राज्य में मध्यम व वृहद् औद्योगिक ईकाईंयों की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला अलवर है, तो राज्य का  सबसे बड़ा औद्योगिक नगर करौली है।

* राज्य में औद्योगिक दृष्टि से पिछड़ा जिला जालौर है।

* राजस्थान में प्रथम ‘‘कम्पयुटर एडेड डिजायन सेन्टर’’ भीलवाड़ा में है।

* दी कृष्णा मिल्स लिमिटेड- यह राज्य की प्रथम सुती मिल है। जिसकी स्थापना दामोदर राठी (सहस्त्र क्रांति का भामाशाह) ने 1889 ई. में निजी क्षैत्र में ब्यावर स्थापित की गई है। इसमें ‘‘सर्वाधिक कार्यशील करघे’’ लगे हुए है।

* एडवर्ड मिल लिमिटेड- यह राजस्थान की दुसरी सूती मिल हैं। जिसकी स्थापना 1906 ई. ब्यावर में की गई। वर्तमान में यह बन्द है।

* महालक्ष्मी मिल्स लिमिटेड- यह राजस्थान की तीसरी सूती मिल है, इसकी स्थापना 1925 में ब्यावर में की गई।

* आदित्य मिल्स लिमिटेड- किशनगढ़ (अजमेर) में।

* सार्दुल टेक्सआयल लिमिटेड- इसकी स्थापना 1946 में श्रीगंगानगर में की गई।

* जोधपुर वुलन मिल्स- जोधपुर।

* महाराजा उम्मेद मिल्स लिमिटेड- इसकी स्थापना 1942 ई. में पाली में की गई। यह ‘‘राजस्थान की सबसे बड़ी तथा सर्वाधिक उत्पादन करने वाली मिल है’’। 

* आधुनिक पाॅलिटेक्स- आबू रोड़ (सिरोही) पर।

* उदयपुर काॅटन मिल्स- इसकी स्थापना 1961 ई. में उदयपुर में की गई तथा इसको बन्द कर दिया गया।
* वस्र्टेड स्पिनिंग मिल्स- चूरू-नागौर।

* जयपुर स्पिनिंग एण्ड वीमिंग मिल्स व पोद्दोर स्पिनिंग मिल्स- जयपुर।

* माॅर्डन सिंथेटिक मिल्स- अलवर।

*श्री गोपाल इण्डस्ट्रीज मिल्स- कोटा।

*राजस्थान अैक्सटाईल्स मिल्स- इसकी स्थापना 1938 ई. में भवानीमंडी (झालावाड़) में की गई।

*मेंवाड़ अैक्सटाईल्स मिलस- इसकी स्थापना 1938 ई. भीलवाड़ा में की गई।

*राजस्थान स्पिनिंग एण्ड वीविंग मिल्स- इसकी स्थापना 1960 ई. भीलावाड़ा में की गई है।

*विजयनगर काॅटन मिल्स- इसकी स्थापना विजयनगर (भीलवाड़ा) में की गई।

*माॅर्डन ग्रुप मिल्स व माणिक्यलाल वर्मा टेक्सटाइल इंस्टीट्युट- भीलवाड़ा।

*सार्वजनिक क्षैत्र की मिलें-
1. एडर्वड मिल्स (ब्यावर)
2.महालक्ष्मी मिल्स (ब्यावर)
3. श्री विजय नगर काॅटन मिल्स (विजयनगर)।

♦सहकारी क्षैत्र की मिलें-
1. गंगापुर सहकारी कताई मिल्स लिमिटेड (भीलावाड़ा)
2. राजस्थान सहकारी कताई मिल्स लिमिटेड (गुलाबपुरा, भीलवाड़ा)
3. गंगानगर सहकारी कताई मिल्स लिमिटेड (हनुमानगढ़)।

*राज्य में काँच व चीनी के तीन-तीन कारखानें है।

*काँच उद्योग में सिलिका सैण्ड (काँच बालुका) को मुख्यतः प्रयुक्त किया जाता है। राज्य में काँच का प्रमुख केन्द धौलपुर है।

*दी मेवाड़ शुगर मिल्स लिमिटेड- यह राज्य की प्रथम शुगर मिल्स है। इसकी स्थापना भोपालसागर (चितौड़गढ़) में 1932 में निजी क्षैत्र में की गई।

*दी गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड, श्रीगंगानगर- यह राज्य की दुसरी चीनी मिल है। इसकी स्थापना कमीनपुरा गाँव में 1937 ई. में सार्वजनिक क्षैत्र में की गई है। इस मिल में चुकन्दर से भी चीनी बनती है तथा देशी शराब का निर्माण किया जाता है।

*श्री केशोरायपाटन इण्डस्ट्रीज शुगर मिल्स लिमिटेड- यह राज्य की तीसरी शुगर मिल है। इसकी स्थापना 1965 ई. में बुँदी के केशोरायपाटन में सहकारी क्षैत्र में की गई। वर्तमान में ये मील बन्द है।

*बीकानेर में सिरेमिक पार्क स्थापित किया जा रहा है।

*किशनगढ़ में राज्य में प्रथम काँच से निर्मित  (माइका्रेलाइट विमान) हवाई पट्टी का निर्माण किया जा रहा है।

*सेन्ट गोबिन ग्लास फैक्ट्री- यह फ्रांस की कम्पनी द्वारा राजस्थान में कहरानी (भिवाड़ी-अलवर) में 2008 में स्थापित की गई है।

*धौलपुर ग्लास वक्र्स, धौलपुर- निजी क्षैत्र की।

*दी हाई टेक्निकल प्रीसीजन ग्लास वक्र्स- यह ‘‘दी गंगानगर शुगर मिल्स लिमिटेड’’ की सहायक कम्पनी सार्वजनिक क्षैत्र में है। इसमें शराब की बोतलों का निर्माण किया जाता है।
*सेमकार ग्लास इण्डस्ट्रीज कोटा- यहाँ सेमसंग टी. वी. की फिक्चर ट्यूब का निर्माण किया जाता है।

*राज्य में लगभग 12 प्रतिशत नमक तैयार किया जाता है। झीलो से  नमक उत्पादन में राज्य का स्थान प्रथम हैं। राज्य में पाये जाने वाले जिप्सम, राॅक फाॅस्फेट, फाइराइट इत्यादि खनिज रासायनिक उर्वरक बनाने के काम आते है।

*साँभर साॅल्ट लिमिटेड- इस कारखाने को केन्द्र सरकार द्वारा 1964 ई. में स्थापित किया गया। यहाँ देश का 8.7 प्रतिशत नमक उत्पादित होता है। यहाँ वायु प्रवाह द्वारा बनाये जाने वाला नमक रेशता नमक  व वाष्पीकरण द्वारा बनाये जाने वाला नमक क्यार नमक कहलाता है।

*डीडवाना- यहाँ सार्वजनिक क्षैत्र के ‘‘सोडियम सल्फेट संयंत्र’’ व ‘‘राजस्थान स्टेट केमिकल वक्र्स लिमिटेड’’ नामक दो कारखाने हैैं। यहाँ का नमक खाने के योग्य नही है। जाब्दीनगर व कुचामन में नमक उत्पादन के निजी कारखाने है।

*पंचभद्रा (बाड़मेर)- यहाँ उत्पादित नमक समुद्री नमक से मिलता जुलता है। यहां का नमक सबसे अच्छा नमक है।

*फलौदी, पोकरण में नमक उत्पादन के निजी कारखाने लगे हुए है।

*जिंक स्मेल्टर- देबारी गाँव (उदयपुर) में खाद का कारखाना है।

*राष्ट्रीय केमिकल्स एण्ड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड- चितौड़गढ़ के कपासन गाँव में डाई अमोनियम फास्फेट (डी. ए. पी.) खाद का कारखाना है।

*चम्बल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड- कोटा के गढ़ेपान गाँव में गैस पर आधारित निजी क्षैत्र में देश का सबसे बड़ा खाद का कारखाना है।

*श्रीराम केमिकल एण्ड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड- श्रीरामनगर कोटा में राज्य का सबसे बड़ा खाद का उत्पादक कारखाना है।

*दी राजस्थान एक्सपलोसिव एण्ड केमिकल लिमिटेड, धौलपुर- खाद का कारखाना हैं।

*ज्योति ट्रिपल खाद का कारखाना, खेतड़ी।

*सल्फ्युरिक एसिड प्लांट व मोदी एलकेलाइन एण्ड केमिकल्स लिमिटेड- अलवर में।

*राज्य में प्रथम जैव उर्वरक खाद का कारखाना भरतपुर में है।

*राज्य का सीमेंट उत्पादन में देश में प्रथम स्थान है। वर्तमान में राज्य में सर्वाधिक सीमेन्ट उत्पादक जिला चितौडगढ़ है, भविष्य में जैसलमेंर में सिमेंट उत्पादन की अधिक संभावना दिखती है। राज्य सीमेंट कारखानों की संख्या में प्रािम  स्थान रखता है।

*श्री सीमंेट उद्योग- इसकी स्थापना 1985 में ब्यावर में की गई। यह भारत का सबसे बड़ा ड्राईप्रोसेस (उत्पादन क्षमता) वाला कारखाना है। इस कारखानें को 2005 व 2008 में दो बार ‘‘गाॅल्डन पिकाक’’ पुरस्कार ऊर्जा के संरक्षण में दिया गया।

*बिरला व्हाइट सीमेंट उद्योग- इसकी स्थापना खारिया खंगार (भोपालगढ़, जोधपुर) में की गई। यह राज्य का सबसे बड़ा सफेद सीमंेट का कारखाना है।

*जे. के. व्हाइट सीमेंट का कारखाना- इसकी स्थापना गोटन (नागौर) में की गई। यह राज्य का  प्रथम सफेद सीमेंट का कारखाना है।

*जे. के. व्हाइट सीमेंट का कारखाना, मांगरोल (चितौड़गढ़)

*जे. के. सीमेंट का कारखाना- इसकी स्थापना 1974 में निम्बाहेड़ा (चितौड़गढ़) में की गई। यह राज्य में सर्वाधिक सीमेंट उत्पादन करने वाला कारखाना है।

*जे. के. सीमेंट का कारखाना- इसकी स्थापना 1982 में पिण्डवाड़ा (सिरोही) में की गई।

*जे. के. सीमेंट का कारखाना-इसकी स्थापना 1970 डबोक में की गई।

*जयपुर उद्योग लिमिटेड- इसकी स्थापना सवाईमाधोपुर के बावरा गाँव में की गई। यह राज्य का दुसरा व उस समय एशिया का सबसे बड़ा सीमेंट का कारखाना था। इसे बन्द कर दिया गया था, जिसे वापस शुरू कर दिया गया है।

*एंसोसिएट सीमेंट कम्पनी (।ण्ब्ण्ब्ण्द्ध. इसकी स्थापना लाखेरी गाँव में क्लीक निकसन कम्पनी द्वारा 1915 में की गई। यह राज्य का प्रथम सीमेट का कारखाना है।

*मंगलम सीमेंट का कारखाना- इसकी स्थापना कोटा के मोडक गाँव में 1982 ई. में बिड़ला ग्रुप द्वारा की गई।

*बिनानी सीमेंट लिमिटेड- इसकी स्थापना सिरोही जिले में 1997 में पिण्डवाडा में की गई।

*डी. एल. एफ. बिनानी सीमेंट का कारखाना- इसकी स्थापना पाली में 1996 ई. में दयालपुरा व पाटन केरपुरा गाँव में किया गया।

*श्रीराम सीमेंट का कारखाना- इसकी स्थापना कोटा के रामनगर में 1985 में की गई। यह राज्य का सबसे कम उत्पादन क्षमता वाला कारखाना है।

* गुजरात अइुजा सीमेंट, सिरोही।

*हिन्दुस्तान शुगर लिमिटेड, उदयपुर।


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