(10) Rajasthan GK One Liner Questions Answers PDF by jepybhakar

राजस्थान जीके इन हिन्दी, राजस्थान जनरल नॉलेज इन हिंदी, rajasthan gk download, rajasthan gk book pdf download, rajasthan gk in hindi pdf file free download, राजस्थान गक नोट्स इन हिंदी पीडीऍफ़ फ्री डाउनलोड, rajasthan gk mcqs, rajasthan one liner questions answers, rajasthan gk one liner pdf, rajasthan gk in hindi pdf file free download,

राजस्थान में सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल हनुमानगढ़ जिले से प्राप्त किए गए हैं।

वर्तमान तंदूर के समान चूल्हे 'कालीबंगा' पुरातात्विक स्थल से प्राप्त किए गए।
(तंदूरो की इस प्रथा के चलते इस सभ्यता का संबंध ईरान एवं पश्चिमी एशिया से होने का घोतक है।)



लोथल, हड़प्पा सभ्यता का महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था।
 (लोथल गुजरात में स्थित है)

विद्वान आर. सी. अग्रवाल ने प्राचीन सभ्यता की खोज की थी।

(आहड सभ्यता का लघु उत्खनन करवाने का श्रेय प. अक्षय कीर्ति व्यास( 1950 )को है परंतु वहां पर व्यापक उत्खनन सर्वप्रथम आर.सी. अग्रवाल( 1954 ) ने ही करवाया।)

Rajasthan gk important question answer (Part-10) | (Hindi) - Rajasthan Police Model Paper 2018 (Part-C) - Unacademy

In this Course, we will learn Important questions on GK for Rajasthan Police Service Exam



Rajasthan gk important question answer (Part-11) | (Hindi) - Rajasthan Police Model Paper 2018 (Part-C) - Unacademy

In this Course, we will learn Important questions on GK for Rajasthan Police Service Exam


आहड, का प्राचीन नाम ताम्रवती नगरी था।
(आहड़ का प्रमुख उद्योग तांबा गलाने एवं उसके उपकरण बनाना था जिसका प्रमाण यहां से प्राप्त हुए ताम्र कुल्हाड़ी व अस्त्र तथा एक घर में तांबा गलाने की भट्टी है। यहां पास में ही तांबे की खदानें थी।)

बीकानेर राज्य के शासक महाराज डूंगर सिंह के काल में तांबे के सिक्कों का मूल्य 4 पाई व 2 पाई था।

जयपुर राज्य की टकसालें आमेर, सवाईमाधोपुर और रूपवास मे थी।

सर्वप्रथम महाराज विजय सिंह ने मुगल बादशाह शाह आलम से आज्ञा प्राप्त कर सोने चांदी और तांबे के 'विजय शाही सिक्के' ढाले, जो 1761 से 1858 तक प्रचलन में रहे।

करौली राज्य में सर्वप्रथम सिक्के डालने का श्रेय 'महाराज माणकपाल' को जाता है।

मेड़ता की टकसाल के बने रुपए पर हिजरी सन् 1181 का निशान होने से वह रुपया 'अट्ठयासिया' कहलाता था।

राजस्थान में 1 रुपए के कलदार सिक्कों का आरंभ 1900 ईसवी में हुआ।


Carbon and it's Compounds (Part-1) (In Hindi) | (Hindi) Carbon and it's Compounds - Unacademy

to enroll in courses, follow best educators, interact with the community and track your progress.



Rajasthan Police Model Paper 2018 (Part-1) (in Hindi) | (Hindi) - Rajasthan Police Model Paper 2018 (Part-C) - Unacademy

Rajasthan Police Model Paper 2018 (Part-1) (In Hindi) Important questions 61 to 72


राजपूताना की बीकानेर रियासत के सिक्कों पर एक और साम्रांग्री विक्टोरिया का चेहरा और अंग्रेजों में 'विक्टोरिया एंप्रेस' लिखा होता था और दूसरी ओर नागरी तथा उर्दू लिपि में महाराज का नाम लिखा होता था।
(यह सिक्का 1862 ईसवी में महाराज गंगा सिंह जी द्वारा जारी किया गया था। इसमें एक और महाराज गंगा सिंह बहादुर लिखा हुआ है । यह ₹ 1 का सिक्का है)

'नजराना सिक्के' महाराव बैरीशाल शासक द्वारा ढलवाए गए थे।(महाराव बैरीशाल ने महारानी विक्टोरिया को दी गई 'केसर -ए- हिंद' की उपाधि को स्मृति स्वरूप बनाए रखने के उपलक्ष में चांदी के विशेष नजराना सिक्योरिटी ढलवाए थे)

भरतपुर जिले के नगलाछैल स्थान पर गुप्तकालीन सिक्कों का बड़ा भंडार मिला है।

राजस्थान से प्राप्त सबसे प्राचीन सिक्के 'आहत सिक्के' कहलाते हैं।

शक्तिशाली तोप 'गर्भ गुंजन' बूंदी के किले स्थित है।
( बूंदी के किले को तारागढ़ भी कहते हैं। ध्यान दें कि तारागढ़ नामक दुर्ग अजमेर में भी है । गर्भ गुंजन को रखने हेतु दुर्ग में एक ऊंची मीनार 'भीम बुर्ज' का निर्माण करवाया गया।)

"यह महल मानव नहीं,प्रेतों द्वारा बनाए गए लगते हैं।" यह कथन रुडयार्ड किपलिंग द्वारा बूंदी दुर्ग के बारे में कहा गया।

बूंदी और अजयमेरु दुर्ग, किलों के जोड़ों को तारागढ़ किलों के नाम से भी जाना जाता है।


Rajasthan Industries and Industrial area (Overview) (in Hindi) | (Hindi) Rajasthan Industries and Industrial area with MCQ - Unacademy

Rajasthan Industries and Industrial area (Overview) (in Hindi)



1000 General Knowledge Important Question (Part-1)(in Hindi) | (Hindi)1000 General Knowledge Important Question for RPSC - Unacademy

1000 General Knowledge Important Question for RPSC, Rajasthan Police, SSC, Railway


तारागढ़ अजमेर की प्राचीर की विशाल बुर्जाे के नाम" घूंघट",गूगडी","बान्द्रा"और "इमली" है।

अजयमेरुदुर्ग 'बीठली पहाड़ी' पर स्थित है।
(गढ़बीठली या तारागढ़ कहे जाने वाला यह दुर्ग तारागढ़ पर्वत की बिठली पहाड़ी पर स्थित है।)

अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान का संबंध 'अजयमेरु दुर्ग' से है।

आमेर दुर्ग के महल हिंदू मुसलिम शैली के हैं(यहां मावठा झील स्थित है और यहां प्रसिद्ध शीश महल है)
1707 ईस्वी में मुगल बादशाह बहादुर शाह ने आमेर का नाम मोमिनाबाद रखा था।

नाहरगढ़ दुर्ग का निर्माण महाराजा सवाई जयसिंह ने 1734 में मराठों की विरुद्ध सुरक्षा की दृष्टि से करवाया था।(इस दुर्गापुर नाम सुदर्शन गढ़ था)

महाराजा जगत सिंह की प्रेमिका रसकपूर 'नाहरगढ़ दुर्ग' में कैद करके रखी गई थी।(यह नो महल महाराजा द्वारा अपनी 9 पासवानो के लिए बनवाए गए थे।)

दौसा का किला देवगिरी पहाड़ी पर स्थित है।
(देवगिरी पहाड़ी पर स्थित यह दुर्ग सूप की आकृति का है।

अलवर दुर्ग "आंख वाला किला" के नाम से प्रसिद्ध है।
(अलवर दुर्ग की प्राचीर लगभग 6 मील लंबी है ।प्राचीर में शत्रुओं पर गोले बरसाने हेतु छेद बने हुए हैं । इसीलिए इसे 'आंख वाला किला' कहा जाता है।)

Rajasthan Police Paper PDF download click here

Contact Form

Name

Email *

Message *

Designed By Dharmendar Gour